देवघर में वोट चोरी का बड़ा खेल उजागर, 34 फर्जी प्रमाण पत्र पकड़ाए
देवघर में वोट चोरी का बड़ा खेल उजागर, 34 फर्जी प्रमाण पत्र पकड़ाए
• सीओ ने एफ़आईआर का दिया आदेश
अमित कुमार,
रांची एक्सप्रेस ब्यूरो
देवघर : देवघर जिले के सारठ विधानसभा में यानी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर-2026) के दौरान बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है।
सारठ के अंचल अधिकारी सह सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी ने नवादा गांव के 34 मतदाताओं द्वारा लगाए गए जाति, आवासीय प्रमाण पत्र को फर्जी पाते हुए प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया है।
इस संबंध में पत्रांक - 673, दिनांक - 16.09.2026 के द्वारा पथरड्डा ओ०पी० प्रभारी को पत्र भेजा गया है।
उल्लेखनीय है कि सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी सह प्रखंड विकास पदाधिकारी, सारठ के पत्रांक-1232 दिनांक-16.09.2026 के आलोक में यह कार्रवाई की जा रही है। एसआईआर-2026 के दौरान दावा-आपत्ति शिविर में विभिन्न मतदाताओं द्वारा फर्जी / अवैध जाति / आवासीय प्रमाण पत्र तैयार कर सुनवाई के दौरान प्रस्तुत किया गया था। सत्यापन के बाद सभी प्रमाण पत्र फर्जी तरीके से तैयार किए गए पाए गए।
अंचल कार्यालय द्वारा जारी संलग्न सूची के अनुसार कुल 34 लोगों के नाम हैं, जिनमें मो. जाबिर, साकिब अंसारी, खुनेजा बीबी, सरोती देवी, मो. एनामुल हक, मो. सईद अहमद, मो. मुनिवर, नूरजहां बीबी, साजीद अंसारी, समीना खातून, रुबेदा खातून, मो. कौशर सहित अन्य शामिल हैं। अधिकांश मामले सारठ प्रखंड के नवादा पंचायत के नवादा गांव के हैं, जबकि एक मामला लकड़ाकोंधा, सधरिया का है। सभी प्रमाण पत्रों के संदर्भ संख्या जैसे JHCBC/2026/794374, JHLRCO/2026/778295, JHRC/2026/771523 आदि अंकित हैं।
सारठ सीओ कृष्ण चंद्र सिंह मुंडा के अनुसार इस फर्जीवाड़े में शामिल संबंधित प्रज्ञा केन्द्र संचालक और सूची में अंकित मतदाताओं के विरुद्ध सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज करने की बात कही गई है।
गौरतलब है कि दो दिन पूर्व ही भाजपा प्रदेश प्रवक्ता सह पूर्व कृषि मंत्री रणधीर कुमार सिंह ने प्रेसवार्ता कर इसी मामले का खुलासा किया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि सारठ प्रखंड के नवादा पंचायत में सीएसपी संचालक कमर नूरानी द्वारा सैकड़ों फर्जी आवासीय प्रमाण पत्र बनाए गए हैं और बीएलओ शाहेदून निशा द्वारा उसे सत्यापित किया गया है। मौके पर 69 प्रमाण पत्र पकड़े जाने की बात भी उन्होंने कही थी। साथ ही पूरे सारठ विधानसभा में 10 हजार फर्जी मतदाता जोड़ने का दावा किया था।
अब अंचल अधिकारी के इस पत्र के बाद रणधीर सिंह के आरोपों पर प्रशासनिक मुहर लगती दिख रही है। प्रशासन ने माना है कि प्रमाण पत्र फर्जी तरीके से बनाए गए हैं। हालांकि अभी 34 मामलों पर ही FIR की प्रक्रिया शुरू हुई है, लेकिन सूत्रों के अनुसार जांच का दायरा अन्य पंचायतों तक भी फैल सकता है। सारठ बीडीओ और सीओ को भी इस संबंध में सूचना दी गई है।
मतदाता सूची में फर्जी नाम जोड़ने का यह मामला चुनाव की निष्पक्षता पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। अधिकारी फिलहाल प्रज्ञा केन्द्र संचालक की भूमिका और उसके बैकवर्ड-फॉरवर्ड लिंक की जांच में जुटे हैं। पुलिस द्वारा प्राथमिकी दर्ज होने के बाद इस रैकेट में और भी नाम सामने आने की संभावना है।

