रांची एक्सप्रेस संवाददाता
मधुपुर (देवघर) : शहर के भेड़वा स्थित राहुल अध्ययन केन्द्र में समाज सुधारक ईश्वर चंद्र विद्यासागर की स्मृति दिवस पर उन्हें याद किया गया।
उपस्थित लोगों ने उनकी तस्वीर पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किये।
मौके पर जलेस के प्रांतीय सह सचिव धनंजय प्रसाद ने कहा कि ईश्वर चंद्र विद्यासागर महान समाज सुधारक, शिक्षाविद, मानवतावादी और नारी शिक्षा व विधवा पुनर्विवाह के प्रबल समर्थक थे।
उन्हें दो दशक पूर्व देश में सामान्य शिक्षा के साथ बालिका शिक्षा व विधवा पुनर्विवाह आदि को न सिर्फ प्रोत्साहित किया बल्कि व्यक्तिगत जीवन में उतरा भी. उन्होंने अपने खुद के बेटे का विवाह एक विधवा महिला से कराकर एक मिसाल पेश किया। दूसरे को उपदेश देना आसान है , पर खुद पर उतारना मुश्किल है, उन्होंने इसे कर दिखाया। इसके अलावे वो समाज में व्याप्त कुरीतियों, कुनीतियों, कुप्रथा, अंधविश्वास, अंधश्रद्धा, बाल विवाह व बहु-विवाह आदि का पुरजोर विरोध किया। उन्होंने पाठ्य-पुस्तक सहित अनेकों पुस्तकों की रचनाएं की, जो पढ़ाई जाती रही है. उनका मानना था कि शिक्षा का उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं है , बल्कि बेहतर इंसान बनाया है।
कार्यक्रम में उपस्थित अन्य लोगों ने भी अपने-अपने विचार व्यक्त किये ।




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