BREAKING NEWS

logo

हुसैनाबाद का साहित्यिक गौरव : विपिन बिहारी को मिला डॉ. राम प्रसाद सिंह साहित्य पुरस्कार


पलामू : सुप्रसिद्ध साहित्यकार सह कथाकार विपिन बिहारी को हिंदी साहित्य में उनके उल्लेखनीय एवं दीर्घकालिक योगदान के लिए प्रतिष्ठित डॉ. राम प्रसाद सिंह साहित्य पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह सम्मान मगही लोक, तूतवाड़ी (गया) की ओर से संस्थापक स्वर्गीय डॉ. राम प्रसाद सिंह की जयंती के अवसर पर 10 जुलाई 2026 को आयोजित एक गरिमामय समारोह में प्रदान किया गया।

यह सम्मान समारोह पटना स्थित जे. डी. विमेंस कॉलेज, बेली रोड के सभागार में आयोजित हुआ, जिसमें साहित्य, शिक्षा और संस्कृति जगत की अनेक प्रतिष्ठित हस्तियों की उपस्थिति रही। पुरस्कार के अंतर्गत विपिन बिहारी को 11 हज़ार रुपये की सम्मान राशि, अंगवस्त्र, प्रतीक-चिह्न एवं प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

विपिन बिहारी का साहित्यिक जीवन अत्यंत समृद्ध और प्रेरणादायी रहा है। वे पिछले वर्ष भारतीय रेल सेवा से सेवानिवृत्त हुए। अपने लगभग 37 वर्षों के रेल सेवा काल में हुसैनाबाद में रहते हुए उन्होंने साहित्य साधना को निरंतर जारी रखा। इस दौरान, उन्होंने 300 से अधिक कहानियों की रचना की तथा लगभग तीन दर्जन पुस्तकों का सृजन कर हिंदी साहित्य को समृद्ध किया। उनकी कई चर्चित कहानियाँ पाठकों के बीच व्यापक रूप से सराही गई हैं, वहीं उनके साहित्य पर शोधार्थियों द्वारा शोध कार्य भी किए जा चुके हैं, जो उनकी रचनात्मक प्रतिबद्धता और साहित्यिक प्रतिष्ठा का प्रमाण है।

वर्तमान में विपिन बिहारी हुसैनाबाद की साहित्यिक संस्था 'मौसम' के संस्थापक सदस्य हैं तथा मासिक साहित्यिक पत्रिका 'अरण्य वाणी' में उप संपादक के रूप में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। वे निरंतर साहित्यिक गतिविधियों के माध्यम से नई पीढ़ी को लेखन के प्रति प्रेरित कर रहे हैं।

उनकी इस उपलब्धि पर साहित्यिक संस्था 'मौसम' के अध्यक्ष सह मासिक पत्रिका 'अरण्य वाणी' व दैनिक अख़बार 'बदलता झारखंड' के संपादक विनोद सागर ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान केवल विपिन बिहारी का नहीं, बल्कि पूरे हुसैनाबाद और पलामू ज़िले के साहित्यिक समाज का सम्मान है। उन्होंने कहा कि विपिन बिहारी ने अपनी सृजनशीलता, अनुशासन और निरंतर साहित्य साधना से क्षेत्र का नाम राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है। उन्होंने उनके उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और सतत साहित्य-सृजन की कामना करते हुए उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।