सारवां के लाल ने किया कमाल; सहायक कमांडेंट परीक्षा-2026 में ऑल इंडिया रैंक-37 हासिल कर पूरे जिले का बढ़ाया मान
सारवां के लाल ने किया कमाल; सहायक कमांडेंट परीक्षा-2026 में ऑल इंडिया रैंक-37 हासिल कर पूरे जिले का बढ़ाया मान.
• पूर्व मंत्री बादल पत्रलेख ने घर पहुंचकर दी बधाई
अमित कुमार,
रांची एक्सप्रेस ब्यूरो
देवघर : जिले के होनहार युवाओं ने एक बार फिर अपनी प्रतिभा का परचम लहराया है।
जिले के सारवां प्रखंड अंतर्गत मंझिलाडीह ग्राम निवासी स्वर्गीय उपेंद्र वर्णवाल के सुपुत्र उज्ज्वल राज ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा आयोजित केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) सहायक कमांडेंट परीक्षा-2026 में ऑल इंडिया रैंक-37 हासिल कर पूरे जिले का मान बढ़ाया है।
उज्ज्वल की इस शानदार सफलता से न केवल उनके परिवार में खुशी की लहर है, बल्कि पूरे क्षेत्र में जश्न का माहौल है। अपनी मेहनत, लगन और निरंतर प्रयास के दम पर उन्होंने यह मुकाम हासिल किया है। प्रारंभिक शिक्षा से ही मेधावी रहे उज्ज्वल ने इस परीक्षा के लिए दिन-रात एक कर तैयारी की थी। उनका सपना देश की सेवा करना था, जिसे उन्होंने आज साकार कर दिखाया है।
उनकी इस गौरवपूर्ण उपलब्धि की सूचना मिलते ही बधाई देने वालों का तांता लग गया। इसी क्रम में झारखंड के पूर्व मंत्री बादल पत्रलेख बुधवार को उज्ज्वल राज के आवास पर पहुंचे। उन्होंने उज्ज्वल और उनके परिजनों से मुलाकात कर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं।
पूर्व मंत्री ने उज्ज्वल को मिठाई खिलाकर व पुष्पगुच्छ भेंट कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि उज्ज्वल राज की यह सफलता व्यक्तिगत उपलब्धि से कहीं अधिक है। यह पूरे देवघर समेत पूरे संताल परगना के लिए गर्व का विषय है। एक मध्यमवर्गीय परिवार से निकलकर, बिना किसी बड़े संसाधन के, अपनी प्रतिभा के बल पर राष्ट्रीय स्तर की कठिनतम परीक्षाओं में से एक में 37वां रैंक लाना काबिल-ए-तारीफ़ है।
पूर्व मंत्री ने कहा कि, "उज्ज्वल ने साबित कर दिया है कि अगर इरादे मजबूत हों तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है। उनकी यह सफलता क्षेत्र के हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा बनेगी, जो सिविल सेवा और रक्षा सेवाओं में जाने का सपना देखते हैं।" उन्होंने परिवार के त्याग और सहयोग की भी सराहना की।
इस मौके पर उज्ज्वल राज ने अपनी सफलता का श्रेय अपने दिवंगत पिता स्वर्गीय उपेंद्र वर्णवाल, अपनी माता और अपने शिक्षकों को दिया। उन्होंने कहा कि पिता के दिखाए मार्ग और मां के आशीर्वाद से ही यह संभव हो पाया। उन्होंने युवाओं को संदेश दिया कि निरंतरता और धैर्य ही सफलता की कुंजी है।
मौके पर स्थानीय गणमान्य लोग और परिवार के सदस्य मौजूद रहे।





