चंदना विद्यालय के 250 बच्चों का भविष्य अधर में, डीएसई ने किया निरीक्षण, वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार.
■ ग्रामीणों ने स्थायी समाधान की मांग की, कहा - पंचायत भवन में ही चलाएं स्कूल.
अमित कुमार/रमण
देवघर/सोनारायठाढ़ी : जिले के सोनारायठाढी़ प्रखंड में 73 वर्षों से चल रहे *ग्राम जरका चंदना, पंचायत-जरका वन* स्थित राजकीय मध्य विद्यालय के बंद होने से करीब *250 छात्र-छात्राओं* की पढ़ाई ठप हो गई है। बच्चों की शिक्षा बाधित न हो, इसे लेकर *डीसी सौरभ भुवानियां* के निर्देश पर *जिला शिक्षा पदाधिकारी डीएसई मधुकर कुमार* शनिवार, 11 जुलाई को चंदना पहुंचे और पूरे मामले का निरीक्षण किया।
डीएसई ने मौके पर ग्रामीणों, अभिभावकों और शिक्षा विभाग के अधिकारियों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि जब तक स्थायी समाधान नहीं निकलता, तब तक बच्चों की पढ़ाई जारी रखने के लिए *निकटवर्ती विद्यालयों में वैकल्पिक व्यवस्था* की जाएगी।
हालांकि ग्रामीणों ने डीएसई के फैसले पर नाराजगी जताई। ग्रामीणों का आरोप है कि डीएसई ने *6 से 8वीं* के बच्चों का *टीसी काटकर भिखोडीह स्कूल* में नामांकन का निर्देश शिक्षकों को दिया है। जबकि भिखोडीह स्कूल मूल विद्यालय से *1.5 किमी दूर* है।
अभिभावकों ने मांग की कि *जरका पंचायत भवन के खाली कमरे* में ही "चंदना स्कूल" के नाम से कक्षाएं संचालित की जाएं। लेकिन उनकी बात नहीं मानी गई। बताया गया कि *1 से 5वीं* तक के बच्चों की पढ़ाई *कुरूमटाड़* में "चंदना स्कूल" के नाम से होगी।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि स्कूल बंद करने की जगह उसका *स्थायी समाधान* निकाला जाए। उनका कहना है कि इतनी दूर बच्चों को भेजना मुश्किल है, खासकर बरसात के मौसम में। पंचायत भवन में ही स्कूल चलाने से बच्चों और अभिभावकों दोनों को राहत मिलेगी।
फिलहाल प्रशासन ने बच्चों की पढ़ाई निर्बाध जारी रखने के लिए कवायद तेज कर दी है। अब पूरे क्षेत्र की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन ग्रामीणों की मांग मानते हुए *स्थायी समाधान* निकालता है या वैकल्पिक व्यवस्था को ही अंतिम विकल्प मानता है।





