करौं : सालतर दूबे बाबा के वार्षिक पूजन में उमड़ा आस्था का सैलाब, सैकड़ों बकरों की दी गई बलि.
रांची एक्सप्रेस संवाददाता
करौं (देवघर) : प्रखंड क्षेत्र में विषहरण देवता के नाम से विख्यात सालतर दूबे बाबा के वार्षिक पूजन में सोमवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी।
प्रातः 04 बजे मंदिर का पट खुलते ही पूजा-अर्चना के लिए भक्तों का तांता लग गया। यह सिलसिला दोपहर तक जारी रहा। सालतर दूबे मंदिर समिति ने कतारबद्ध तरीके से श्रद्धालुओं को बारी-बारी से पूजा कराई।
पूजन में करौं प्रखंड के सीरियां, चंदचौरा, रानीडीह, कैनबैरिया, डि डाकोली, गोविंदपुर, परतापुर, लकरछारा, बेलकियारी, करौं, दुबरा, बेहराजाल, बाळमो, गौरीपुर, श्यामपुर, लगवां, सिकटिया, बरमशोली के अलावा करौं और सारठ प्रखंड के दर्जनों गांवों से श्रद्धालु पहुंचे।
भक्तों ने बाबा दूबे को दूध, अरवा चावल, जनेऊ, सुपारी आदि चढ़ाकर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। दोपहर बाद बाबा दूबे चटिया में समा गए। महिलाएं चटिया के पास पहुंचकर अपनी मनोकामनाएं मांगती रहीं।
दोपहर 2:00 बजे से बकरे की बलि शुरू हुई। श्रद्धालुओं ने बाबा को सैकड़ों बकरों की बलि चढ़ाई। बलि का प्रसाद लोग रात में घर ले जाकर ग्रहण करेंगे। संध्या में खीर प्रसाद का वितरण किया गया, जिसे पाने के लिए लंबी कतारें लगीं।
पंडित निवास पांडे ने बताया कि यह मंदिर 1000 साल से भी ज्यादा पुराना है। मान्यता है कि यहां आने वाले हर भक्त की मनोकामना पूरी होती है। कहा जाता है कि जहरीले सांप काटने पर भी अगर कोई बाबा की शरण में आ जाए तो बाबा के दो बूंद जल से वह ठीक होकर घर लौट जाता है।
पूजा को सफल बनाने में समिति अध्यक्ष नवीन सिंह, धनंजय पांडे, निवास पांडे, प्रभु पांडे, ऋषि सिंह, शिव शंकर पांडे, मिथिलेश पांडे, मिथिलेश कुमार सिंह सहित सभी ग्रामीण जुटे रहे।




